
Prakrati Analysis
Prakrati
भौतिक प्रकृति तीन गुणों से बनी है - सत्व (अच्छाई), राजस (जुनून), और तमस(भावुक) । चूँकि शरीर, मन और बुद्धि प्रकृति में भौतिक हैं, उनमें भी ये तीन गुण होते हैं, और इन गुणों का संयोजन किसी के चरित्र का आधार बनता है।
About Gita : भगवान श्रीकृष्ण। गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि इस सृष्टि के रचना मूल रूप से तीन गुणों से हुई है। ये तीन गुण सत्व, राजस और तमस हैं।यह अध्याय तीन गुणों से संबंधित है। इसमें सत्व, रज और तम के गुणों का विवरण दिया गया है और वे मनुष्य को कैसे बांधते हैं। संस्कृत में 'गुण' का अर्थ रस्सी होता है। प्रत्येक व्यक्ति में तीनों गुण होते हैं।


